फैसला : दुष्कर्म और अपहरण के आरोपों से युवक दोषमुक्त
Bakhtavar Express
Fri, Oct 9, 2026
सरदारपुर । द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती रश्मि वाल्टर की अदालत ने दुष्कर्म और अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में आरोपी बनाए गए युवक श्रीराम को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने यह फैसला 7 अक्टूबर 2026 को सत्र प्रकरण क्रमांक 41/2024 (मध्यप्रदेश राज्य विरुद्ध श्रीराम) में सुनाया। प्रकरण में अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता संजय पुरोहित ने पैरवी की।
प्रकरण के अनुसार, जून 2024 में थाना राजोद में मामला दर्ज हुआ था। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि अभियुक्त युवती का अपहरण कर उसे इंदौर ले गया और वहां दुष्कर्म किया। मामले में अभियुक्त 19 जून से 16 जुलाई 2024 तक न्यायिक अभिरक्षा में रहा।
लगभग दो वर्ष तक चली सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता संजय पुरोहित ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों की जिरह करते हुए विभिन्न विसंगतियों की ओर न्यायालय का ध्यान आकर्षित किया। न्यायालय ने प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोप युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित नहीं हो सके।
इसके बाद न्यायालय ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 376(2)(एन), 344 और 506 भाग-2 के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। साथ ही उसके जमानत मुचलके भी भारमुक्त करने के आदेश दिए।
फैसले के बाद अधिवक्ता संजय पुरोहित की पैरवी की चर्चा रही। उन्होंने कहा कि यह निर्णय साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया में सत्य की जीत को दर्शाता है।
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