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: मेरे अपने हित और देश के हित के साथ जब टकराव होगा तो मैं अपने देश को सदैव प्राथमिकता दूंगा

Admin

Sat, Dec 7, 2024
  राजोद । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राजोद द्वारा डॉ बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस सामाजिक समता दिवस के रूप में छात्रावास में संगोष्ठी कर विद्यार्थियों के साथ मनाया गया। संगोष्ठी में मुख्य रूप से अभाविप राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य गौरव साहू , जिला कलामंच प्रमुख अमन कावलिया , नगर मंत्री विनोद जायसवाल उपस्थित थे। सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा बाबासाहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई। इसके पश्चात गौरव साहू ने बताया कि डॉ भीमराव आंबेडकर बहुजन राजनीतिक नेता और एक बौद्ध पुनरुत्थानवादी भी थे। उन्हें बाबासाहेब के नाम से भी जाना जाता है। संविधान निर्माता, भारत रत्न डा भीमराव अंबेडकर आधुनिक राष्ट्र के ऐसे महानायक थे जिन्होंने राष्ट्र को शिक्षित बन संघर्ष करने का रास्ता दिखाया। डॉ अंबेडकर सामाजिक नवजागरण के अग्रदूत और आधुनिक राष्ट्र के शिल्पकार थे, जिन्होंने राष्ट्र को एक नई दिशा दी। उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया है। अपनी महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों तथा देश की अमूल्य सेवा के फलस्वरूप डॉ. अम्बेडकर को आधुनिक युग का मनु कहकर सम्मानित किया गया। अपने असंख्य योगदानों के माध्यम से, डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने देश के सामाजिक- सांस्कृतिक और राजनीतिक परिदृश्य पर एक स्थायी छाप छोडी है। बाबा साहब ने कहा था कि "मेरे अपने हित और देश के हित के साथ जब टकराव होगा तो मैं अपने देश को सदैव प्राथमिकता दूंगा।" आजीवन सामाजिक समरसता के लिए संघर्षरत बाबासाहेब का संपूर्ण जीवन चरित्र समस्त मानव जाति के लिए प्रेरणास्रोत है। संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता व समस्त विद्यार्थी उपस्थित थे।

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