गुरू पूर्णिमा पखवाड़े अंतर्गत सांदीपनि शाउमावि हुआ कार्यक्रम : विद्या चिंतन, चरित्र व व्यवहार का निर्माण करती है-भागवताचार्य पं. शास्त्री
Bakhtavar Express
Wed, Jul 22, 2026
नागदा (धार)। विद्या चिंतन, चरित्र व व्यवहार का निर्माण करती है। छात्र जीवन में अनुशासन को चुने। आपके लिए शिक्षाकाल सबसे कठिन है इसे विद्या अध्ययन से सरल बनाए। गुरूवर के शब्दों को आत्मसात करे। गुरू की डांट से बुरा ना माने, यह आपके लिए प्रसाद है। यही आपके जीवन को तराशने का कार्य करती है। आदि-अनादि काल से गुरू का बड़ा सम्मान रहा है। आगे भी उसी परम्परा का सभी निर्वाह करें। शिक्षक-शिक्षिकाओं को दिया गया सम्मान आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। उक्त बातें गुरू पूर्णिमा पखवाड़े अंतर्गत सांदीपनि शाउमावि नागदा में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ज्ञान का संदेश देते हुए मुख्य अतिथि भागवताचार्य पं. बालकृष्ण-गणेशदत्त शास्त्री उज्जैन ने विद्यार्थियों के बीच कही। जहां संस्था प्राचार्य धर्मेन्द्र जाट, किराना व्यापारी संघ अध्यक्ष राजेन्द्र बोकड़िया, प्रेस क्लब अध्यक्ष संतोष जायसवाल, अनोखीलाल राठौड़, अशोक सोलंकी, अनवर मंसुरी मंचासीन थे। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित व माल्यार्पण किया। अतिथियों का स्वागत संस्था प्राचार्य ने किया। संगीत शिक्षिका कल्पना वाकोड़े व छात्राओं ने गुरू वंदना कर स्वागत किया। छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन देते हुए पं. शास्त्री ने कहा कि अपने जीवन में सदगुणों की सुगंध को कभी कम ना होने दे आपके नवनिर्माण में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसको सबसे अधिक महत्व दे कुछ समय का कठिन परिश्रम आने वाले जीवनकाल को सहजता प्रदान करेगा। सही स्वरूप मंे शिक्षा अर्जन करना समाज में सबसे बड़ा सम्मान दिलाता है और यह उपासना जो विद्यार्थी मन से कर ले वह सबसे बड़ा धनवान है। गुरू का सम्मान शिक्षा के साथ आपके अच्छे संस्कारों को दर्शाता है। पं. शास्त्री ने पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. कलाम के जीवन के दृष्टांत को सुनाते हुए कहा कि मेहनत के अनुरूप अंक ना मिले तो उदास ना हो बल्कि आत्मचिंतन कर सफलता के लिए अधिक मेहनत कर उसे हासिल करें। हमेशा माता-पिता, शिक्षक, गुरू व बड़ो का सम्मान करें। पं. शास्त्री ने जीवन शैली में उपयोगी अत्याधुनिक सामग्रीयों के इस्तेमालन के दुष्परिणाम को लेकर भी विद्यार्थियों को समझाया। इस अवसर पर संस्था प्राचार्य धर्मेन्द्र जाट, राजेन्द्र बोकड़िया, अनवर मंसुरी ने भी पखवाड़े अंतर्गत गुरू की महिमा व छात्र जीवन के लिए शिक्षा अध्ययन को लेकर अपने विचार साझा किये। विद्यालय परिवार व किराना व्यापारी संघ द्वारा पं. बालकृष्ण शास्त्री को शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मुकेश मकवाना ने किया व आभार संस्था उपप्राचार्य श्रीमती सरीता शर्मा ने माना। इस अवसर पर सचिन प्रजापति, कृष्णा राजावत, कविता कुमावत व संस्था के छात्र-छात्राएँ एवं शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित थे। गुरू पूर्णिमा पखवाड़ा अंतर्गत प्रतिदिन संस्था में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है।
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