: <em>प्रकृति की सेवा ईश्वर की सेवा से कम नही - छोटू शास्त्री</em>
Admin
Sat, Feb 18, 2023
खिलेड़ी/चिराखान । आज भगवान शिव का महापर्व है और शिव जी को प्रकृति प्रेमी देवता माना जाता है। प्रकृति के निकट जितने भगवान शिव रहे हैं, उतने निकट अन्य देवी देवता नहीं रहे हैं । प्रकृति को सजाने व सवारने का जो संकल्प जयंती धाम समिति ने लिया है वह प्रशंसनीय व सराहनीय है।प्रकृति की सेवा ईश्वर की सेवा से कम नहीं है। प्रकृति ईश्वर की दी गई अनुपम सौगात है, इसे सहेजना हम सब की जिम्मेदारी है।
उक्त प्रेरक विचार जयंती धाम व उँडेश्वर महादेव वृक्ष मंदिर परिसर मैं आयोजित शिवरात्रि महोत्सव के दौरान बतौर अतिथि धार जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष पंडित छोटू शास्त्री ने व्यक्त किए।
विशेष अतिथि ॐ शांति केंद्र ब्रह्मकुमारी संचालिका रेशमा बहन ने कहा की शिवजी को धतूरा, बेलपत्र, बेर चढ़ाते हैं, क्योंकि भोलेनाथ पसंद होते हैं, जबकि धतूरा बाहर से कंटीला व अंदर से जहरीला होता है। यही स्थिति मनुष्य की भी हो गई है। हमें मन के कांटे व जहर को चढ़ाना चाहिए।
प्रारंभ में सप्त नदियों के संग्रहित जल से पंडित पंकज शास्त्री के आचार्यत्व में यजमान दंपति द्वारा रुद्राभिषेक किया गया। आने वाले अतिथियों का बालिकाओं द्वारा चंदन से तिलक लगाकर स्वागत किया गया।

शिवरात्रि महोत्सव में शामिल अतिथि पं शास्त्री, रेशमा बहन, सेवानिवृत्त शिक्षक रतन लाल परसाई, पर्यावरण प्रेमी प्रकाश चंद्र तारोदिया, रक्त मित्र वीरेंद्र पाटीदार, कथावाचक पवन शरण शर्मा एवं पंकज शर्मा का समिति के रामकरण पटेल, सुरेश भूत, विष्णु पाटील, दशरथ पाटीदार, ओमप्रकाश धराड़, गोपाल भालोड आदि द्वारा तिलक लगाकर, दुपट्टा पहनाकर व स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत के साथ सम्मान किया गया ।दोपहर 1:00 बजे सैकड़ों महिला पुरुष श्रद्धालुओं की उपस्थिति में शिवजी के आकर्षक श्रंगार के बाद महाआरती उतारी गई। आरती पश्चात 5 क्विंटल खिचड़ी फलाहार के रूप में वितरित की गई ।समिति द्वारा विगत 23 वर्षों से वृक्ष मंदिर परिसर में आयोजन निरंतर जारी है ।देर शाम दीप यज्ञ किया गया एवं रात्रि में सुंदरकांड व भजन कीर्तन किए गए। संचालन संस्थापक अध्यक्ष रामकरण पटेल ने किया।आभार सुरेश भूत ने माना।
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