: परिवार से बडा कर्तव्य उक्त कहावत को चरितार्थ किया एसडीओपी रामसिंह मेडा ने ,बीमार मॉ और दुर्घटना मे घायल दामाद को छोड़कर 600 किमी दूर जाकर की नौकरी ज्वाइन
Admin
Sun, May 14, 2023

आरिफ शेख
सरदारपुर/निवाड़ी । जीवन मे व्यक्ति के लिये हमेशा परिवार बडा रहता है। सुख दुख का साथी व्यक्ति पहले अपने परिवार को मानता है। लेकिन कुछ विरले व्यक्ति ऐसे भी होते है। जिनके लिये परिवार से बडा कर्तव्य पथ होता है। ऐसे ही विरले व्यक्ति वाले शख्स है निवाड़ी के एसडीओपी रामसिंह मेडा। दो वर्ष तक सरदारपुर मे एसडीओपी के पद को सुशोभित करने वाले रामसिंह मेडा सेवानिवृति की दहलीज पर खडे थे तभी उनका स्थानांतरण 600 किमी दुर निवाड़ी कर दिया गया ।
बिमार मॉ की सेवा को लेकर न्यायालय की शरण ली वहां से स्थगन भी मिल गया लेकिन पांच माह बाद फिर उन्हें निवाड़ी भेज दिया गया। इस बार श्री मेडा के सामने विकट परिस्थिति थी बिमार मॉ की सेवा तो करना ही थी लेकीन साथ ही दामाद रितेश डामोर उपनिरीक्षक मुलतानपुरा चौकी जिला मंदसौर मे पदस्थ है। वे ईद के पर्व पर कानून व्यवस्था को लेकर जा रहे थे तभी उनकी कार का एसयूवी वाहन ने टक्कर मार दी और वे दुर्घटना का शिकार होकर गंभीर घायल हो गये । लेकिन इस सबसे बडकर एसडीओपी मेडा ने अपने परिवार से ऊपर कर्तव्य को रखा और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन कर निवाड़ी जाकर कर्तव्य पर उपस्थित हो गये। मेडा ने दुर्घटना का शिकार हुए दामाद को बांबे अस्पताल इंदौर मे उपचार के लिये भर्ती कराया और बिमार मॉ की सेवा की जिम्मेदारी परिवार के अन्य सदस्यों को सौंपकर निवाड़ी चले गये।

यहां पर भी मेडा ने स्टाफ के सदस्यों एवं मंदिरों के दर्शन कर परिवार की कमी को पूरा कर लिया। श्री मेडा ने बताया की 600 किमी दुर आकर भी परिवार की कमी का एहसास यहां के लोगो ने नही होने दिया। रविवार को दतिया मे माँ पीताम्बरा के दर्शन वंदन किये और परिवार की खुशहाली के लिये प्रार्थना भी की।
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