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: कांग्रेस के लिये शुभ रहा है मोहनखेडा तीर्थ और राजगढ़,डेढ दशक मे गांधी परिवार की तीसरी सदस्य प्रियंका गांधी जो मोहनखेडा और राजगढ का करेगी दौरा,2009 के लोकसभा चुनाव मे सोनिया गांधी और 2013 के चिंतन शिवीर मे आए थे राहुल


आरिफ शेख
सरदारपुर। सरदारपुर तहसील मे स्थित मोहनखेड़ा तीर्थ देश मे विख्यात है। लेकिन धर्म के साथ-साथ ही यहां पर देश के प्रमुख राजनेताओं का जुडाव बना रहा है। भाजपा हो या फिर कांग्रेस दोनों ही दलों के साथ देश का बडा से बडा नेता दादा गुरुदेव के दरबार मे शीश नवाने पहुंचता है।


5 अक्टूबर को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी कांग्रेस की जन आक्रोश रैली के समापन पर मोहनखेडा आयेगी। पिछले डेढ़ दशक की बात करे तो गांधी परिवार की प्रियंका तीसरी सदस्य होगी जो मोहनखेड़ा आयेगी।  सबसे पहले मोहनखेड़ा के समीप स्थित महावीर जलाशय के लोकार्पण कार्यक्रम मे सोनिया गांधी मोहनखेडा आई थी। उसकी बाद वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव मे कांग्रेस प्रत्याशी गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी के पक्ष मे राजगढ़ के मेला मैदान मे सभा को संबोधित करने सोनिया गांधी आई थी। वैसे मोहनखेडा और  राजगढ हमेशा कांग्रेस के लिये शुभ रहा है। 2009 के चुनाव मे किसी को भी यकीन नही था की एक बार फिर से देश मे यूपीए की सरकार काबिज हो जायेगी।

 लेकिन राजगढ़ की सभा मे सोनिया गांधी ने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह का बचाव करते हुए कहा था कि मनमोहन सिंह कमजोर नही सशक्त प्रधानमंत्री है। चुनाव परिणाम के बाद देश मे फिर से यूपीए की सरकार बनी और मनमोहन सिंह दुसरी बार पीएम बने।


इसके बाद मप्र सहित कई राज्यों मे कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर होता रहा तब कांग्रेस ने 2013 मे मोहनखेड़ा मे चिंतन शिवीर का आयोजन किया जिसमें राहुल गांधी शामिल हुये। इस चिंतन शिवीर ने कांग्रेस मे नई ऊर्जा का संचार हुआ। चिंतन शिवीर मे राहुल गांधी ने कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता से लेकर बड़े पदाधिकारी से वन टू वन चर्चा कर कांग्रेस की खामियों को जाना था।

इस चिंतन शिवीर की खासियत यह थी की इसमें मीडिया को भी  पंडाल के अंदर नहीं आने दिया  और जिन कार्यकर्ता ने राहुल गांधी से चर्चा की उन्हें भी मोबाइल तक नहीं ले जाने दिया गया था। कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद राहुल गांधी ने रात्रि विश्राम भी सरदारपुर के विश्रामगृह पर किया था।
और अब एक बार फिर गांधी परिवार का तीसरा सदस्य मोहनखेड़ा और राजगढ आ रहा है। प्रियंका के दौरे के संभवत एक सप्ताह बाद प्रदेश मे विधानसभा चुनावों की घोषणा हो जायेगी।

इसलिये कांग्रेस इस सभा को सफल बनाने के लिये कोई कसर नही छोडना चाहती है। वैसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रियंका मे उनकी दादी इंदिरा गांधी की छवि नजर आती है। वैसे प्रियंका राजगढ़ मे सभा के बाद कांग्रेसियों मे कितना उत्साह का संचार करेगी इसका पता तो विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद ही पता चलेगा।

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