सरदारपुर : भक्ति बचपन से शुरू करना ही मोक्ष का मार्ग है - कथावाचक तिवारी
Bakhtavar Express
Thu, Aug 6, 2026
सरदारपुर। भक्ति बचपन से शुरू करना ही मोक्ष का मार्ग है, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं भक्ति धर्म पर विस्तार से वर्णन करते हुए बुधवार को 5 वे दिन श्री दादा दयालु खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में चल रही 7 दिवसीय श्रीमद शिव महापुराण के दौरान कथावाचक पंडित राजेन्द्र प्रसाद तिवारी उज्जैन ने कही। पंडित तिवारी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण कर्म पथ के प्रेरक है, उनका संदेश कर्मयोगी बनाकर मानव को स्वावलंबी बनाता है। उन्होंने कहा की प्रत्येक व्यक्ति को भगवान श्रीकृष्ण से सिख लेनी चाहिए, संघर्ष कितना भी बड़ा हो विजय उसी की होती है जिसके हौसले बुलंद होते हैं। उन्होंने कहा प्रत्येक व्यक्ति को भक्ति बचपन से ही प्रारंभ कर देनी चाहिए, अक्सर लोग वृद्धावस्था में भक्ति के मार्ग पर चलते है, उस समय शरीर साथ नहीं देता है, भक्ति का सही समय बचपन ही है, इससे ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा के दौरान पंडित तिवारी ने लीला और क्रिया के अंतर को समझाया गया। उन्होंने कहा कि अभिमान सुखी रहने की इच्छा क्रिया कहलातीं है, भगवान श्रीकृष्ण ने लीला के माध्यम से गोकुलवासियों को सुख-समृद्धि प्रदान की गई। कथा के दौरान माखन चोरी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ मन की चोरी से है, कन्हैया ने भक्तों के मन को अपने प्रेम से जीत लिया, उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं का उल्लेख किया। पंडित तिवारी ने यह भी कहा कि धर्म से ही विज्ञान की उत्पत्ति हुई है, आज़ जो बातें विज्ञान ख़ोज रहा है वे हमारे वेदों ग्रन्थों पहले से वर्णित है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि आज की पिढी अपने धर्म ग्रंथों के अध्ययन में रुचि नहीं ले रही है। 7 दिनी संगीतमय श्रीशिव महापुराण कथा के दौरान भक्तजन बड़ी संख्या में कथा का लाभ लें रहें हैं, कथा के बीच दौरान भजनों पर महिलाए भावविभोर होकर नृत्य करने को अपने को रोक नहीं पा रही है। कथा का विश्राम शुक्रवार दोपहर को होगा। श्री दादा दयालु मंदिर पुजारी गोविंद जोशी इस कार्यक्रम के लाभार्थी है।
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