कथा में 51,000 पार्थिव शिवलिंग बनाने का लिया संकल्प : अहंकार जीवन में दही की वह एक बूंद है जो पूरे जीवन रूपी दूध को फाड़ कर नष्ट कर देता है - उपाध्याय
Bakhtavar Express
Mon, Aug 3, 2026
राजोद।। समीप ग्राम झिंझोटा में चल रही शिव पुराण के प्रथम दिवस पर शिव पुराण के दिव्य सूत्रों में से प्रथम सूत्र अहंकार पर कथा व्यास पंडित डॉक्टर राजेंद्र किशोर उपाध्याय ने प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की अहंकार हमारे जीवन में दही की वह एक बूंद है जो पूरे जीवन रूपी दूध को फाड़ कर नष्ट कर देता है
हमें अहंकार से सदैव बचकर रहना चाहिए
पद प्रतिष्ठा पैसा या तीन अहंकार के परम मित्र हैं जिनके सहारे यह हमारे जीवन में प्रवेश करने की चेष्टा करता है किंतु बुद्धिमान व्यक्ति इसे सदैव दूरी बनाकर रखते हैं
शिव पुराण की कथा का संदर्भ देते हुए डॉ. उपाध्याय ने बताया कि इस अहंकार ने ब्रह्मा जी जैसे त्रिदेवों में से एक देव को अपना एक सर कटवाना पड़ा व, पूरे संसार में पूजा अर्चना से वंचित होना पड़ा
इसी अहंकार ने नारद मुनि को भी मायाजाल में पटक दिया
कथा का आरंभ विशाल कलश यात्रा से हुआ जो ग्राम के श्री राम मंदिर से शुरू होकर मुख्य मार्गो से होते हुए शीतला माता मंदिर के कथा प्रांगण में पहुंची। कथा के पूर्व पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण ग्राम की महिलाओं द्वारा किया गया विधिवत पूजन अभिषेक आदि वैदिक कार्यक्रम पंडित जगदीश जी उपाध्याय द्वारा संपन्न कराए गए । 7 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में ग्राम की महिला समिति द्वारा कुल 51,000 पार्थिव शिवलिंग बनाने का संकल्प लिया है।
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