रबी की फसल पर संकट,एक सप्ताह मे साफ होगी सिंचाई की तस्वीर : मानसुन की हुए विदाई,माही परियोजना के दोनो बांध 50 प्रतिशत भराये,जल संसाधन विभाग के 61 तालाब भी खाली पडे
Bakhtavar Express
Tue, Oct 6, 2026
सरदारपुर@ आरिफ शेख । मानसून की विदाई प्रदेश से हो चुकी है वही खरीफ की फसलों की कटाई अंतिम दौर मे है और रबी की फसलों की बुआई के लिए किसान खेतों को तैयार करने मे जुटा हुआ है लेकिन सबसे बड़ा संकट जल का है। इस वर्ष इंद्र देव की नाराजगी के चलते मानसून जमकर नही बरस पाया जिसके कारण नदी नालो से लेकर तालाब और डेम खाली पडे हुए है। पेयजल स्त्रोत अभी से जवाब देने लग चुके है। सरदारपुर तहसील मे माही परियोजना के दोनो बांधो सहित जल संसाधन विभाग के 61 तालाब से किसान हजारो हेक्टेयर भूभाग मे रबी की फसलों की सिंचाई करते है। लेकिन इस बार न तो माही परियोजना के दोनो बांधो और ना ही जल संसाधन विभाग के 61 तालाबो मे से किसी ने भी पुर्ण जलग्रहण क्षमता को धारण नहीं किया है। ऐसे मे रबी की फसलों की बुवाई और सिंचाई को लेकर आने वाले एक सप्ताह मे स्थिति क्लियर हो जाएगी ।
मानसून की विदाई,पानी की आवक हुए बंद:- प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है। जिसके बाद माही परियोजना के दोनों बांधों मे पानी की आवक बंद हो चुकी है। जल संसाधन विभाग झाबुआ के कार्यपालन यंत्री विपिन पाटीदार ने बताया की माही मुख्य बांध का जलस्तर 447.75 मीटर के लेवल पर हैै । बांध की पूर्ण जलग्रहण क्षमता 451.50 मीटर है वही बांध स्थल पर इस वर्ष 322 मिमी 12.88 इंच बारिश दर्ज हुए है। बांध 3.75 मीटर खाली है।
वही उप मुख्य बांध कालीकराई का जल स्तर 471.80 मीटर है। बांध का पुर्ण जलग्रहण स्तर 474.30 मीटर है। बांध स्थल पर इस वर्ष 478 मिमी यानी 19.12 इंच बारिश हुए है। बांध 2.50 मीटर खाली है। इस वर्ष दोनो बांध 50 प्रतिशत से भर पाए हैै। ऐसे मे रबी की फसलो को पर्याप्त पानी मिलने पर संकट बना हुआ है। वही विभाग के लिये कडी चुनौती होगी की अंतिम छोर के किसानों को पानी पहुॅचाना।
किसानों से संवाद कर विभाग साफ करेगा पेयजल उपलब्धता की स्थिति :-
माही परियोजना के दोनो बांधो से धार और झाबुआ जिले की सरदारपुर,बदनावर और पेटलावद विकासखंड के हजारों किसानों को करीब 26 हजार हेक्टर भूभाग मे सिंचाई का लाभ मिलता है। वही दोनो बांधो से करीब चार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से हजारो लोगो को प्रतिदिन पेयजल भी उपलब्ध करवाया जाता है। ऐसे मे विभाग किसानों के साथ संवाद कर आगामी रबी सीजन के लिये स्थिती साफ करेगा। माही परियोजना के एसडीओ एचएल डावर ने बताया की 8 अक्टूबर का लाबरिया कार्यालय पर किसानो के साथ संवाद कर रबी की फसलो को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता पर चर्चा होगी।
वैसे संभावना है की विभाग दोनों बांधो से किसानों को सिंचाई के लिए दो पानी उपलब्ध करवा सकता है। वही विभाग ने किसानों से कहा की चने या फिर कम पानी वाली फसलों की बुआई की जाए ताकी अंतिम छोर के किसानों को भी पानी मिल सके और बांध से सिंचाई सुविधा का लाभ लेने वाले किसी किसान की जमीन सुखी न रहे।
अंतिम छोर तक पानी पहुॅचाना बडी है चुनौती:- माही मुख्य बांध और उप मुख्य बांध की नहरों से अंतिम छोर के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता विभाग के लिए बड़ी चुनौती वाला कार्य होगा। वैसे विभाग के अधिकारी इस बार सख्ती के साथ अवैध तौर पर सिंचाई करने वालो के साथ सख्ती करने के संकेत दे चुके हैै। दोनों बांधो से अवैध तरीके से सिंचाई का लाभ लेने वाले किसानों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो सकती है।
सिंचाई विभाग के 61 तालाब भी खाली पडेः- इस वर्ष कम बारिश के चलते जल संसाधन विभाग सरदारपुर के 61 तालाबो मे से मात्र 11 तालाब ऐसे है जिसमे नहर लेवल से कुछ ऊपर पानी की आवक हुए है। बाकी सारे तालाबो मे नहर लेवल से नीचे की पानी है। ऐसे मे सिंचाई रकबा बहुत कम होगा। 11 तालाबो मे से किसानों को कितना पानी उपलब्ध कराया जाएगा इसका निर्णय आगामी दिनो मे जिला स्तर पर होने वाली जल उपयोगिता समिति की बैठक मे होगा।
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