: गृहणियों का बजट गड़बड़ाने वाली सब्जियों के भाव गिरे औंधे मुँह,थोक मे बैगन 1 रू ,धनिया 5 रू,गोभी 10 रू टमाटर 12 रु प्रति किलो के भाव बिका, बैगन की फसल का लागत मुल्य नही निकलने से किसानो ने खेतो मे ही नष्ट की खडी फसल
Admin
Tue, Sep 5, 2023

राजोद । कुछ माह पूर्व तक महंगी सब्जियों के कारण गृहणियों का बजट गड़बड़ा गया था। टमाटर मिर्च से लेकर हरी सब्जियों के भाव आसमान छू रहे थे। लेकिन पिछले एक सप्ताह मे सब्जियों के भाव धरातल पर आ चुके है। कुछ सब्जीया तो ऐसी है जिनकी लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रही है ऐसे मे किसानों ने खेतों मे ही सब्जियों को नष्ट कर दिया।
सरदारपुर तहसील का राजोद गांव हाइब्रिड खेती को लेकर जिले मे एक अलग ही पहचान रखता है। पिछले कुछ वर्षों मे यहां पर अमरूद,बैर, सहित कई उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ा है तो छोटे-छोटे किसानों का रुझान गोभी,टमाटर,मिर्च और बैंगन जैसी फसलों की और है।
राजोद से प्रतिदिन 5 से 10 आयशर वाहन सब्जियों के भराकर गुजरात के बड़ौदा और इंदौर प्रतिदिन भेजे जाते है। या यु कहे की राजोद सब्जी की एक बड़ी मंडी के रूप मे तब्दील होता जा रहा है। दोपहर मे तीन बजे किसानों के द्वारा खेतों से तोड़कर सब्जीया थोक व्यापारियों के यहां पर लाई जाती है यह क्रम रात के 7 बजे तक चलता रहता है फिर यहां से बडे वाहनों मे भरकर गुजरात के बड़ौदा एवं इंदौर भेजा जाता है। लेकिन पिछले एक सप्ताह की बात करे तो धनिया और बैंगन के भाव तो पूरी तरह से औंधे मुँह गिर चुके है इनकी लागत भी नहीं निकल पा रही है जिससे किसानों ने इन सब्जियों को खेतो मे ही नष्ट कर दिया है।
सब्जी के एक थोक व्यापारी ने बताया की अभी थोक बाजार मे बैगन 1 रू किलो बिक रहा है। गोबी 10 रू प्रति किलो,मुली 3 रु प्रति किलो और धनिया 5 रू किलो बिक रहा है। वही हरी मिर्च मे कई तरह की किस्म है जिनका भाव 10 से लेकर 15 रु किलो तक है। पालक भी 5 रू प्रति किलो बिक रहा है। वही टमाटर जो कभी थोक मे ही 150 रुपये किलो तक बिक चुका था उसके भाव भी अब 300 रू कैरेट हो चुके है। एक कैरेट मे 25 किलो टमाटर आते है यानी 12 रू प्रति किलो।
किसान संदीप ,मोहन और राधा किशन ने बताया कि बैंगन जहा 10 दिन पूर्व 8 से 10 रू किलो बिक रहा था वही अब 1 रुपये किलो हो गया। जिसके कारण लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है ऐसे मे हम लोगो ने खेतो मे ही रोटावेटर कर खडी फसलों को नष्ट कर दिया।
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