: इंसानियत के अकीदे के साथ अपना बेहतरीन किरदार पेश करें मदरसे में शानो शौकत से मनाया योमें आजादी दिन
Admin
Tue, Aug 15, 2023
बदनावर ।अल्ताफ मंसूरी। बहुत कुर्बानियों के बाद हमें 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली है। यह दिन खुशियों भरा है हमें भारतीय संविधान के नियमों का पालन करते हुए मुल्क के प्रति वफादार रहना चाहिए। आजादी की जंग में कई उलेमाओं ने अपनी शहादत दी है ।आप इंसानियत के अकीदे के साथ अपना बेहतरीन किरदार पेश करें।

यह बयान मदरसा तालीमुल कुरआन (मदीना मस्जिद) पर स्वतंत्रता दिवस की 76वीं वर्षगांठ पर खुशीशी मेहमानों ने दिए
मदरसा परिसर में आयोजित समारोह के खास मेहमान रिटायर्ड शिक्षक बाबू मास्टर साहब , खुशीशी मेहमान रिटायर्ड शिक्षक हाजी अयूब खान , हाजी यासीन मंसूरी व अब्दुल खालिद वकील साहब थे।
मेहमानों का इस्तकबाल हाफिज जुनेद साहब, हाफिज तनवीर व मौलाना शफीक मंसूरी द्वारा किया गया।
प्रोग्राम का संचालन अखलाक मंसूरी द्वारा किया गया ।
इस मौके पर हाजी कलीम मंसूरी , सय्यद अजहर अली , सद्दाम भाई, रईस मंसूरी, इमरान मंसूरी ,हिदायतुल्लाह , अब्दुल कुद्दूस ,अब्दुल वदूद व साथियों के साथ कमेटी सदस्य अल्ताफ मंसूरी , मजहर अली ,अजीम सरवर , सरफराज पठान मौजूद थे।
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