ब्रेकिंग

जहां तक आपका नाता है ये पुण्य वंहा तक जाएगा, कथा में बैठा व्यक्ति श्रोता व भक्त बन जाता है - कमलकिशोर जी नागर

पगड़ी रस्म के दौरान दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश ,गौशाला,मंदिर और अस्पताल में दिया दान

शत प्रतिशत परिणाम के साथ रॉयल एकेडमी की गरिमा जैजगाया धार जिले की प्रावीण्य सूचि में

बेहतर सुविधाएं श्रेष्ठ विद्यार्थी के निर्माण मे सहायक होगी :- बिड़ला ग्रुप

भगवान के घर निर्दोष जाना लेकिन दोषी होकर मत जाना- कमलकिशोर नागर

सूचना

: बदनावर जनपद के खिलेड़ी ग्राम में डेंगू का फेलाव जारी,

Admin

Thu, Nov 30, 2023

जगदीश चौधरी @ खिलेडी।स्वास्थ्य विभाग बदनावर के अंतर्गत बिडवाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीनस्थ ग्राम खिलेड़ी में डेंगू के  कारण लोग बीमार होते जा रहे हैं। वही बदनावर स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की डेंगू एवं अन्य रोगों के प्रति सजगता नही होने से बिड़वाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडीकल ऑफिसर अपने जिम्मे में आये क्षेत्र के अंदर लोगो के स्वास्थ्य को लेकर कुछ खास चिंता में नही है। वर्ना करीब 2 सप्ताह से डेंगू के मरीज बिड़वाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंदर आने वाले ग्रामो में बढ़ते जा रहे है लेकिन मेडिकल आफिसर अपने कार्य के प्रति सजग नही हो रहे है।

*खिलेड़ी में निकले आधा दर्जन से अधिक डेंगू पीड़ित*

यह विडम्बना है कि खिलेड़ी में भी एक आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र कुछ वर्षो पहले ताबड़तोड़ निर्मित किया गया था फिर भवन बना गया चुनाव के कुछ माह पहले पूर्व में सेवा दे रहे डॉक्टर ट्रांसफर हो गए। इस पर एक निजी समाचार पत्र के पत्रकार ने ग्रामीणों के हित मे अनियमितता को देखते हुए डॉक्टर की नियुक्ति को लेकर बदनावर ब्लाक मेडिकल ऑफिसर से समाचार के माध्यम से अवगत किया जिस पर  डॉक्टर की पोस्टिंग हुई फिर नियुक्ति के बाद ब्लाक मेडिकल ऑफिसर ने पुनः खिलेड़ी को शोतेला आरोग्य स्वास्थ्य केंद्र जैसा अपने हाल पर छोड़ दिया वही बिड़वाल के मेडिकल ऑफिसर भी ध्यान नही देने लगे और नतीजा यह है कि आज करीब आधे दर्जन डेंगू के मरीज खिलेड़ी में अपना उपचार करवा रहे है।

*सरकारी अस्पताल का नाम मटमैला हो रहा*

जहाँ एक और डेंगू जैसी खर्चीली और गम्भीर बीमारी के चलते शासन जाने क्या क्या तरकीब उससे बचाव के लिये निकलती है उसके रोकथाम हेतु दवाओं की व्यवस्था करती है डॉक्टर नियुक्ति करती है लेकिन फिर भी अब डॉक्टर निष्क्रिय दिखाई दे रहे है जिससे सरकारी अस्पताल सहित जिम्मेदार सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की छवि इस लापरवाही के कारण धूमिल हो रही है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें