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: 8 मंदिरो के डोल के आगे अखाड़े देंगे प्रस्तुति,देव झूलनी एकादशी पर अनूठा आयोजन

Admin

Sun, Sep 24, 2023


अमझेरा@ अभिजीत पंडित। देव झूलनी एकादशी पर नगर में परम्परागत आयोजन होंगे। क्षेत्र का सबसे प्रसिद्ध पर्व जो नगर में उत्साह एवं अनूठे अंदाज में मनाया जाता है। नगर के आठ प्रमुख मंदिरो के डोल सजाकर कपड़े एवं लोहे के बने हाथियों पर तय समय पर बस स्टेण्ड लाया जाता है।

जिसके बाद अखाड़ों के पहलवानो द्वारा हैरत अंगेज करतब दिखाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया जाता है। शाम को सूर्य अस्त के समय क्रम से बेवानो को पुलिस थाने के पीछे श्याम तलाई पर ले जाया जाता है जहां भगवान को झूला झूलाकर आरती कि जाति है जिसके बाद हाथियों के उपर से ककड़ी, केले, नारियल कि प्रसादी को लुटाया जाता है। रात्रि में सदर बाजार चौराहे पर चारो दिशा में चार बेवान खड़े रहते है जहां नगर के भजन गायको के द्वारा भजन संध्या का आयोजन कर आरती के पश्चात पर्व का समापन होता है।


महिलाए करती है गोद भराई -
बेवान जब नगर भ्रमण करते है उसके बाद शाम को महिलाए बेवान् पर गोद भराई करती हे। दिन के 12 बजे से पर्व का आगाज होता है जो रात्रि 12 बजे तक चलता है। नगर के बुजुर्गो के अनुसार ये द्वापर काल से चली आ रही परम्परा है जिसे आज भी उत्साह के साथ निभाया जा रहा है। विशेष कर इस पर्व को देखने संभाग के अलग अलग स्थानों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते है। अम्बेडकर चौराहा, बस स्टेण्ड पर हजारों लोग उपस्थित रहते है ।

एक दिवसीय मेले का आयोजन भी होता है।
बस स्टेण्ड श्री राम मंदिर, नर्सिह मंदिर, नाना घाट मंदिर राजपूत समाज, राम मंदिर तम्बोली समाज, राधा कृष्ण मंदिर, राम मंदिर रविदास समाज, श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, श्री हरी मंदिर के डोल को सजाकर लाया जाता है।

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