सरदारपुर : जिले के सभी ब्लॉकों में 3 माह से वेतन नहीं मिलने पर आशा, उषा , आशा पर्यवेक्षक की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी
Bakhtavar Express
Sat, May 16, 2026

सरदारपुर । धार जिले के सभी विकासखण्ड के आशा कार्यकर्ता,उषा आशा पर्यवेक्षको को 3 माह से वेतन नहीं मिलने पर पूरे धार जिले के सभी ब्लॉक कि आशा कार्यकर्ता ने शुक्रवार से काम बंद कर दिया और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर गए हैं सभी कार्यकर्ता का कहना है कि घर परिवार की स्थिति ख़राब है, घर-परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। इस सम्बन्ध में वेतन लम्बे समय से नहीं मिलने को लेकर 8 मई को आशा,उषा , आशा पर्यवेक्षक संगठन की धार जिलाध्यक्ष संगीता मारु मोयाखेड़ा के नेतृत्व में जिला मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय और सीएमएचओ मुख्यालय पर ज्ञापन भी दिया गया था, चर्चा कर बताया भी गया था कि 14 मई तक वेतन नहीं दिया गया तो जिले के सभी ब्लॉक स्तर पर 15 मई से जिले के समस्त आशा कार्यकर्ता ,उषा आशा पर्यवेक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरेंगे। जिसका आज हड़ताल का तीसरा दिन है आशा उषा आशा पर्यवेक्षक संगठन के इंदौर संभागीय अध्यक्ष शंकरलाल मारु ने बताया कि वेतन की मांग को लेकर धार जिले के सभी ब्लॉक में कहां पर मेडिकल ऑफिसर तो कहां पर बी पी एम ,बीसीएम इनको ज्ञापन दिया गया है शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतरने सम्बन्धित ज्ञापन सौंपा गया।

मध्य प्रदेश आशा कार्यकर्ता , उषा,आशा पर्यवेक्षक संगठन के इंदौर संभागी अध्यक्ष शंकर लाल मारु ने बताया कि जिले में भी कभी पूछो तो बताते नहीं है पेमेंट के संबंध में ना कभी फोन उठाते हैं और काम के लिए जिले और ब्लॉक के अधिकारी कलेक्टर और एसडीएम की धमकी देते हैं कार्यकर्ता को हटाने की पैसों से उनका कोई मतलब नहीं की इन कार्यकर्ता को पैसा मिल रहा है या नहीं मिल रहा है जिले के और ब्लॉक के आला अधिकारी को तो बस सिर्फ काम पैसा मिले या ना मिले उनको कोई मतलब नहीं ऐसी स्थिति में कार्यकर्ता को परिवार घर चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है अब जब तक पूरा पैसा नहीं मिलेगा तब तक पूरे धार जिले में काम बंद और अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगी आज हड़ताल का तीसरा दिन है धार सीएमएचओ का कहना है कि आप लोगों का तीन माह का पूरा पेमेंट डाल दिया जो कि पूरे धार जिले में पैसा किसी का भी नहीं आया है।

श्री मारु ने बताया कि हड़ताल का असर अब दिखाई देने लगा है। सरदारपुर सिविल अस्पताल में जब आशा कार्यकर्ता हड़ताल पर नहीं थी तब प्रतिदिन 10 से अधिक प्रसव होते थे। आशा कार्यकर्ता के हड़ताल पर चले जाने से शनिवार को दो प्रसव हुए।
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