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सरदारपुर : दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान द्वितीय चरण का सघन निरीक्षण करके सत्यापन किया

Bakhtavar Express

Thu, Dec 25, 2025

सरदारपुर। धार जिले में पशुपालकों की आय में वृद्धि और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान (द्वितीय चरण) के अंतर्गत उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग धार द्वारा विकासखंड सरदारपुर के ग्राम बालोदा में पशुपालक रामचंद्र अंबाराम के निवास पर गृह भेंटकर अभियान का सत्यापन किया गया। पशुपालक द्वारा वर्तमान में 3 भैंस एवं 3 गायों का पालन किया जा रहा है।

सत्यापन के दौरान पशुपालक से चर्चाकर अभियान के प्रमुख उद्देश्यों—पशु नस्ल सुधार, संतुलित पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की जानकारी दी गई, तथा पशुपालकों को इन बिंदुओं पर गंभीरता से अमल करने हेतु प्रेरित किया गया। पशुपालक से यह भी जानकारी ली गई कि विभागीय गृह भेंटकर्ता द्वारा अभियान की जानकारी प्रदान की गई या नहीं, जिस पर पशुपालक ने बताया कि उन्हें अभियान की गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक जानकारी प्राप्त हुई है, तथा वे अभियान से पूर्णतः संतुष्ट हैं। इस अवसर पर ग्राम बालोदा के गृह भेंटकर्ता में हेमराज कटारा सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी को अभियान के कार्यों को सुचारु एवं प्रभावी रूप से संपादित करने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

इसके पश्चात् उपसंचालक डॉ. राकेशसिंह सिसोदिया ग्राम लेडगांव पहुंचे, जहां पशुपालक पूनमचंद मूलचंद से भेंटवार्ता हुई जिनके यहां (3 गाय एवं 2 भैंस) है। उपसंचालक सिसोदिया द्वारा पशुपालक को संतुलित पशु आहार—जिसमें सूखा चारा 5 किलोग्राम, हरा चारा 10 किलोग्राम, साइलेज 5, किलोग्राम दाना मिश्रण 4 किलोग्राम मिनरल मिक्सचर 50 ग्राम एवं नमक 30 ग्राम शामिल को निर्धारित मात्रा में पशुओं को खिलाने की सलाह दी गई। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार अपनाने से दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि लगभग दो गुना संभव है। पशु स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए उपसंचालक द्वारा टीकाकरण कार्यक्रम को प्राथमिकता के साथ समय पर संपादित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गलघोंटू, लंगड़ा बुखार एवं लम्पी स्किन रोग के टीके मानसून से पूर्व, खुरपका-मुंहपका के टीके अक्टूबर-नवंबर माह में तथा ब्रूसेलोसिस जैसे रोगों के टीके निर्धारित समय-सीमा में गंभीरता पूर्वक लगाए जाने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित किया जा सके। उपरोक्त निर्देश स्थानीय टीकाकरण सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी हेमराज कटारा (ग्राम बालोदा) एवं श्री कुंदन वर्मा (ग्राम लेडगांव) को दिए गए। साथ ही कृत्रिम गर्भाधान कार्य को प्राथमिकता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए गए, ताकि नस्ल सुधार के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक वेटेरिनरी ऑफिसर सरदारपुर डॉ. दिलीप गामड़ एवं डॉ. मीनाक्षी डावर भी उपस्थित रहे। उन्हें अभियान की सतत निगरानी, प्रभावी क्रियान्वयन तथा क्षेत्रीय अमले द्वारा गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डॉ दिलीप गामड़ ब्लॉक वेटेरिनरी अधिकारी सरदारपुर ने बताया कि यह अभियान पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने एवं जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है।

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