सुचना के अधिकार के उल्लघन के इतिहास में पहली बार बड़ी कार्यवाही : RTI की जानकारी नही देना सोसायटी प्रबधंक को पडा भारी,राज्य सुचना आयोग ने दो प्रकरणो मे लगाया 30 हजार का जुर्माना
Bakhtavar Express
Thu, Dec 11, 2025
सरदारपुर। मप्र राज्य सूचना आयोग द्वारा सूचना के अधिकार के उल्लंघन मे दो अपील प्रकरणो मे कार्यवाही करते हुए आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बरमंडल के प्रबंधक पर 30 हजार रू का जुर्माना किया गया है।
मप्र राज्य सुचना आयुक्त उमाशंकर चैधरी ने दो अपील प्रकरणों में धार जिले के ग्राम बरमंडल की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पर तीस हजार रु जुर्माना किया गया ।
यह है मामला:- आर टी आई कार्यकर्ता श्रीराम मारु द्वारा लोक सुचना अधिकारी / प्रबंधक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बरमडल तह सरदारपुर जिला धार में सुचना के अधिकार अधिनियम अंतर्गत आवेदन किया था जिसमे समय अवधी में निराकरण नहीं किए जाने से प्रथम अपील की गई। सदर प्रकरण में अपीलीय अधिकारी द्वारा सुनवाई नहीं किए जाने के कारण द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग में की गई। उक्त प्रकरण में आयोग द्वारा निशुल्क जानकारी देने के आदेश देने के बावजूद समय पर सूचना /जानकारी नहीं दी गई। जिसमे प्रकरण में सुनवाई के दौरान कारण बताओ सुचना पत्र के साथ पच्चीस हजार रु जुर्माना का नोटिस जारी किया गया। उक्त प्रकरण में सुनवाई दिनाक 01/12/2025 को की गई। सुनवाई के दौरान लोक सुचना अधिकारी / प्रबंधक ने अपने अभिभाषक के माध्यम से झूठ तर्को तथा जबाबो की डाड़ी लगा दी ।।
परन्तु आयोग द्वारा सारे तर्कों को अमान्य कर दोनों प्रकरणों मे कुल तीस हजार रु का जुर्माना लगाया गया। जो कि म. प्र के इतिहास में पहली बार इस तरह की कार्यवाही किसी प्रबंधक पर हुई।
आरटीआई कार्यकर्ता श्रीराम मारू ने बताया की उक्त मामले मे अनिल मारु प्रबंधक द्वारा अपिलार्थी के फर्जी भ्रामक हस्ताक्षर कर सन्तुष्टी पत्र आयोग में प्रस्तुत कर प्रकरण नश्तीबद्ध कराने की कोशिश की गई। उक्त पत्र की आयोग द्वारा शंका होने पर हस्ताक्षर मिलान किए जाने पर फर्जी हस्ताक्षर पाए गये। यही नहीं पुर्व में दिए गये मनगढंत झुठे आरोप अपिलार्थी पर लगाय गए जिन्हे आयोग द्वारा नकारा गया ।
जुर्माने की राशी एक माह में जमा करने के संबध में आयुक्त सहकारिता एवं पंजियक संस्थाएं भोपाल को अगामी कार्यवाही हेतु एवं कार्यवाही की समस्त गतिविधी को जिस भी कार्यलय में संबंधीत की सेवा पुस्तिका संधारित की जाती है उसमे टीप अंकित करने के निर्देश दिए गए।
आयोग द्वारा प्रथम अपीलिय अधिकारी द्वारा विधीसम्मत निराकरण नहीं करने पर सख्त चेतावनी दी गई तथा आगामी प्रकरणों मे निराकरण नहीं करने पर अनुशानात्मक कार्यवाही की जावेगी ।
धार जिले के आर टी आई कार्यकर्ता श्रीराम मारु ने बताया कि वे विगत 11 वर्षों से जनहित/शासन हित मे संबधित कार्यालय / विभाग से सोसायटियों की जानकारी माग रहे थे परन्तु संबधित तथा सहकारिता विभाग के अधिकारी भी इनको दायरे में नहीं आने का हवाला देकर जानकारी अवरुद्ध कर रहे थे। लम्बे अरसे बाद सोसायटियों का अधिनियम के दायरे में आने से आमजन को जानकारी / सुचनाऐ मील सकेगी।
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