दुषित पेयजल सप्लाई मामला : शालिनी मार्ग पर दूषित पेयजल सप्लाई के बाद मौके पर पहुॅचे विधायक ग्रेवाल,नप के जवाबदारो से कहा लापरवाही बर्दाशत नही होगी
Bakhtavar Express
Sat, Jan 3, 2026
पार्षद प्रतिनिधि ने 21 दिसंबर को की थी शिकायत,इंदौर की घटना के बाद टूटी नींद,5 दिन बाद भी नही मिला लीकेज
सरदारपुर। नगर के शालिनी मार्ग पर दुषित पेयजल सप्लाई की खबर मिडीया मे प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद नगर परिषद अमला तेजी से सक्रिय है। वही विधायक प्रताप ग्रेवाल को जब मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली तो शनिवार को सुबह वे शालिनी मार्ग पर पहुॅचे। विधायक प्रताप ग्रेवाल ने नगर परिषद के जवाबदारों को सख्त लहजे मे कह दिया की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी नगर परिषद की जवाबदारी है जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना। विधायक प्रताप ग्रेवाल ने इस दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ब्लॉक समन्वयक अधिकारी बीएल परवार से पानी की टेस्टिंग आदि के बारे मे जानकारी ली। जिस पर श्री पलवार ने विधायक प्रताप ग्रेवाल को बताया की हर माह पानी की टेस्टिंग होना चाहिए नगर परिषद के द्वारा 2 जनवरी को पानी का नमुना दिया गया है जिसकी जांच करवाई जा रही है। जांच रिर्पोट के बाद बता सकेंगे की पानी मे क्लोरीन की मात्रा कितनी है तथा दूषित पानी मे कौन से बैक्टीरिया है।
21 दिसंबर को मिली थी दुषित पेयजल की सप्लाई- शालिनी मार्ग पर दुषित पेयजल सप्लाई की शिकायत सबसे पहले 21 दिसंबर को इसी वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि परवेज लोदी ने की थी । परवेज लोदी ने नगर परिषद के सीएमओ को वाट्सएप पर विडियो भेजकर दूषित पेयजल सप्लाई के बारे मे जानकारी देकर समाधान की मांग की थी लेकिन एक सप्ताह तक कोई सुनवाई नही हुई। इस बीच इंदौर मे भागीरथपुरा की घटना के बाद नींद खुली और 30 दिसंबर को लीकेज ढुढने के लिये खुदाई आरंभ करवाई गए। 5 दिन बाद भी नगर परिषद अमले को लीकेज ढुढने मे सफलता नही मिली। वैसे शनिवार को नगर परिषद के अमले ने कई जगहो पर पाइप लाइन को काटकर लीकेज चेक करा लेकीन सफलता नही मिली। संभावना है की पुरानी पाइप लाइन के वाल्व मे लीकेज हो सकता है जहा पर अमले ने खुदाई आरंभ की है।
अमृत 1 असफल,अमृत -2 नहीं हो पाए पुर्णः- जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिये नगर परिषद के द्वारा करीब 8 वर्ष पुर्व अमृत -1 के नाम से पेयजल लाइन डाली गई थी जो सफल नही हो पाए इसकी असफलता को दुर करने के लिये अमृत-2 लाए गइ लेकिन 3 वर्ष बीतने के बाद भी वह पूर्ण नहीं हो पाए।
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