अमझेरा में होगी 15 दिवसीय श्रीमद भागवत कथा और श्रीराम कथा : सनातन धर्म के साथ भारतीय संस्कृति को बचाए रखना भी अपना कर्तव्य है - राधे-राधे बाबा
Bakhtavar Express
Wed, Sep 2, 2026
सरदारपुर। सनातन धर्म के साथ भारत देशवासियों कों भारतीय हिंदु संस्कृति को भी बचाना अपना कर्तव्य है। वर्तमान समय में देखा जा रहा है कि, सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को छोड़कर को दूर हो गए,वे लोग फैसबुक स्टग्राम और वाट्सएप पर मशगूल हो गए हैं,जो कि बड़ी चिंता का विषय है।

आमजन के लिए यह बडा चिंन्तिय का विषय है। यह बात अखिल भारतीय निर्मोही अखाड़ा और श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या से पधारे प्रवक्ता डॉ राधे-राधे बाबा ने सर्व ब्राह्मण समाज धर्मशाला अमझेरा में मंगलवार को कहीं गई। महंत श्री बाबा राधे-राधे बाबा ने प्रवचन के दौरान बताया कि अमझेरा का यह प्राचीन अलोकिक धर्म स्थल और क्रांतिकारी बख्तावरसिंह का कर्म और धर्म स्थल है, पहली बार आगमन पर मालुम हुआ कि यहां रुक्मणी हरण, अमका झंमका माताजी मंदिर, चारभुजा द्वारकाधीश के दर्शन करने के बाद मन प्रफुल्लित हुआ। इन्होंने धर्मालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के भक्त हनुमानजी के राम नाम में बसें रहे, इसलिए हनुमानजी को पूज्यनीय माना गया है। आज़ श्रीराम के जितने मंदिर धर्म स्थल नहीं है,उससे कहीं अधिक कहीं हनुमानजी के मिलेंगे। इसी तरह हम भी समय निकालकर राम नाम का स्मरण करते रहे, ताकि परिवार में सुख-शांति समृद्धि बनी रहे। बैठक के दौरान राधे-राधे बाबा ने बताया कि समिति के निर्णय अनुसार 15 दिवसीय श्रीमद भागवत ज्ञान कथा और श्रीराम कथा का आयोजन 19 दिसंबर से 2 जनवरी तक की जाएगी। राधे-राधे बाबा ने उपस्थित धर्मालुओं को संबोधित करते हुए कथा कों लेकर मार्गदर्शन देते हुए बताया कि इसके लिए समिति द्वारा युवा कार्यकर्ताओं को जोड़कर समिति बनाई जाए,और सफल आयोजन के लिए जवाबदारी सौंपा जाए। बैठक के दौरान राधे-राधे बाबा ने कथा आयोजन के तहत बहुत ही सुंदर बात कहते हुए बताया कि इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए मैं अयोध्या पहुंचने पर भगवान श्रीराम के ्समकक्ष पहुंचने पर आप सभी परिवार और देश के सुख-समृद्धि के लिए भगवान श्रीराम से प्रार्थना करुंगा। इस दौरान सनातन धर्म और कथा आयोजन समिती के ऊंकार गोस्वामी महाराज राजपुरा, हितेश शर्मा बदनावर, राजेन्द्र ग्रेवाल, शैतानसिंह चौहान,सरदारपुर, राजेन्द्र शर्मा, रवि पाठक अमझेरा, कैलाश चौधरी हातोद, लक्ष्मण तिवारी आदि कार्यकर्ताओं द्वारा सनातन धर्म के प्रति विचार रखकर सम्बोधित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संत श्री राधे राधे बाबा और गोलू भैय्या राजस्थान का शाल श्रीफल और साफा पहनाकर सम्मान किया गया।
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