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मालव भूषण मुनिराज जितचन्द्र विजयजी ने उपजैल में बंदियों को दिए प्रवचन : मनुष्य जीवन ईश्वर का दिया हुआ एक अनमोल उपहार है, जिसके लिए आभार व्यक्त करना चाहिए

Bakhtavar Express

Tue, Jan 27, 2026

सरदारपुर। सरदारपुर उप जेल में बंदियों के नैतिक उत्थान और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मोहनखेड़ा तीर्थ के मालव भूषण मुनिराज जितचन्द्र विजयजी महाराज ने प्रवचन दिया। मुनिराज ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन ईश्वर का दिया हुआ एक अनमोल उपहार है, जिसके लिए आभार व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मनुष्य में करुणा और दया की भावना सबसे अधिक होती है, जिसका उपयोग दूसरों की भलाई और जरूरतमंदों की सहायता के लिए करना चाहिए। मुनिराज ने बंदियों से यह भी कहा कि उनके परिवारजन बाहर उनका इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बंदियों को अपने किए गए अपराधों पर पश्चाताप कर समाज में लौटकर बुराइयों से दूर एक नया, संस्कारयुक्त और सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया।

मुनिराज के सानिध्य में जेल में निरुद्ध सभी कैदियों ने पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर अहमदाबाद निवासी दानदाता दर्शन पूजा पारस शाह की ओर से जेल में बंद सभी 94 कैदियों को फल वितरित किए गए।

कार्यक्रम में एसडीएम सलोनी अग्रवाल, एसडीओपी विश्वद्वीप परिहार , तहसीलदार मुकेश बामनिया और सरदारपुर अस्पताल के डॉ. सचिन द्विवेदी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सहायक जेल अधीक्षक संजय कुमार परमार ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बंदियों को सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करते हैं और उनके जीवन में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य प्रहरी नाथूलाल जाटव सहित धर्मेंद्र आवें, सियाराम लिमनपुरे, विशाल राठौर, संतोष लोधी, सोनिया भदौरिया, प्रियंका हिहोर, संजीव डडोटिया, राजकुमार अहिरवार, जामा मेड़ा, रामसिंह मोर्य, प्रेमसिंह डावर, गुप्तेश्वर राठौर, प्रदीप नरगावे और घनश्याम प्रजापति सहित अन्य प्रहरी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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