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अंध विश्वास . गलत मान्यताओं के कारण बढ रही तस्करी : वन विभाग ने रेड सेण्ड बोआ स्नेक को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया,एक तस्कर को किया गिरफ्तार एक हुआ फरार

Bakhtavar Express

Thu, Dec 11, 2025


सरदारपुर। वन्य जीवों की तस्करी करने वालो के खिलाफ एक बार फिर सरदारपुर वन मंडल मे वन स्टाफ के द्वारा कारवाई की गई। वन अमले ने रेड सेण्ड बोआ स्नेक को तस्करो के चंगुल से छुड़ाकर उसे वन मे छोडा गया।
वन मंडल अधिकारी विजयआनंदम टी.आर. के निर्देशन में वन परिक्षेत्र सरदारपुर अंतर्गत वन स्टाफ ने रेड सेण्ड बोआ स्नेक को तस्करों के चंगुल से छुडाया ।विभागीय अधिकारी को  मुखबिर से गुप्त सूचना प्राप्त हुए थी उसी के आधार पर ग्राम राजोद के अंतर्गत वन स्टाफ द्वारा घेराबंदी की गई। सुचना अनुसार शाम के समय 02 संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से आये। जिसमें एक व्यक्ति के हाथ में बडी प्लास्टिक की थैली थी। सुचना वन्यजीव तस्करी की थी। वन स्टाफ द्वारा दोनों को रोकने की कोशिश की गई। जिसमें एक व्यक्ति भीड का फायदा उठा कर मौके से फरार हो गया वही दुसरे व्यक्ति को वन स्टाफॅ द्वारा रोक लिया गया। पुछताछ करने पर उसने अपना नाम प्रदीप पिता भगवानसिंह वड़ियावार बताया एवं फरार व्यक्ति का नाम श्याम पिता बाबुलाल दोनों ग्राम खेरवास के निवासी है एवं आपस में रिश्ते में भाई है। दोनों सांप को खेरवास से राजोद तक मोटर साईकल से लेकर आये थे। श्याम की किसी व्यक्ति से सांप को बेचने की बात हो रही थी। मौके से जप्त थैली को खोला गया जिसके भीतर गहरे लाल एवं चाकलेटी रंग का सांप जो लगभग 04 फिट लम्बा था पाया गया। अवलोकन करने पर पता चला उक्त सांप रेड सेण्ड बोआ है, जो वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत शेड्यूल्ड-1 अंतर्गत सरीसृप प्रजाति में लिस्टेड संरक्षित श्रेणी का वन्यजीव है, जिसका वैज्ञानिक नाम इरिक्स जोहनी है। मौका स्थल से सांप की थैली और अपराध में कारीत बाईक को जप्त किया एवं आरोपी को पुछताछ हेतु वन परिक्षेत्र कार्यालय सरदारपुर लाया गया। जप्त सांप को सुरक्षित स्नेक बाक्स में रखकर वेटनरी डाक्टर दिलीप गामड़ से स्वास्थ्य परिक्षण करवाया गया। पुछताछ में प्रथम दृष्टया प्रदीप एवं श्याम का अपराध में संलिप्त होना पाया गया। नियमानुसार वन अपराध प्रकरण दर्ज कर प्रदीप को गिरफ्तार कर  न्यायालय सरदारपुर में पेश किया गया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया है। एवं न्यायालय के आदेशानुसार जप्त रेड सेण्ड बोआ को सुरक्षित प्राकृतिक स्थल में छोड़ दिया गया है। एसडीओ सतोष कुमार रनशौरे द्वारा बताया गया उक्त सांप विषहीन होता है एवं अंध विश्वास एवं गलत मान्यताओं के कारण सर्वाधिक तस्करी किया जाने वाला वन्यजीव बन गया है। उक्त कार्यवाही में विक्रमसिंह निनामा, जोगडसिंह जमरा, मनीषपाल राठोर, अनिल कटारे, मनीष पंवार एवं जुबेरखान द्वारा प्रभावी कार्यवाही की गई। रेंजर  शैलेन्द्र सोलंकी ने बताया की रेड सेंड बोआ एक सीधा साधा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने वाला वन्य जीव है जिसे पकड़ना, बेचना या शिकार करना गंभीर अपराध की श्रेणी में है। इसके साथ ही लोगो से अपील की गई है कि ऐसा कोई कृत्य ना करे एवं कोई भी घटना संज्ञान में आए तो तत्काल वन विभाग को सूचित करे।

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