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ईद उल फितर : अमझेरा में हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाई गई ईद, सामूहिक नमाज, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई

Bakhtavar Express

Sun, Mar 22, 2026

अमझेरा । रमजान के पवित्र महीने के 30 रोजों का सफल समापन होने के बाद अमझेरा में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह, खुशी और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय ने सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की, एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी और पूरे क्षेत्र में आपसी प्रेम व एकता की मिसाल पेश की।सुबह मरकज मस्जिद से ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम समाज ने ईद की नमाज अदा की। नमाज मौलाना अब्दुल रशीद साहब ने पढ़ाई। नमाज के बाद सभी ने आपस में मिलकर ईद मुबारक कहा और खुशियां साझा कीं। ईदगाह में छोटे बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। यहां लगी दुकानों पर बच्चों ने आइसक्रीम, समोसे और अन्य स्वादिष्ट नाश्तों का भरपूर आनंद लिया, जिससे पूरा माहौल रंगीन और उत्सवपूर्ण हो उठा।

ग्राम पंचायत ने ईदगाह में टेंट लगाकर और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था करके नमाजियों की हर सुविधा सुनिश्चित की। मनावर चौपाटी पर उप सरपंच अर्जुन मोहनिया ने नमाजियों पर पुष्प वर्षा कर उनका हार्दिक स्वागत किया, जो सामुदायिक एकता का बेहतरीन उदाहरण साबित हुआ।शासन की ओर से नायब तहसीलदार श्रीमती सलोनी पटवा और थाना प्रभारी राजू मकवाना अपने पूरे दल के साथ सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। उनकी सतर्क मौजूदगी से आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा।

जनप्रतिनिधि नारायण दीक्षित, अर्जुन सिंह मोनू गोसर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति ईदगाह पहुंचे और मुस्लिम समाज को गले लगाकर ईद की बधाई दी। सभी ने अमन-चैन, तरक्की और आपसी प्रेम की दुआएं मांगीं।शाहबाज उल्लाह कुरैशी ने कहा कि ईद-उल-फितर रमजान के रोजों के बाद अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करने और समाज में भाईचारे को मजबूत करने का पावन अवसर है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि क्षमा, प्रेम और सद्भाव से ही समाज की सच्ची तरक्की संभव है। उन्होंने अमझेरा वासियों को ईद की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं।काजी वसीम सिद्दीकी ने बताया कि ईद का मुख्य महत्व रमजान की रूहानी सफाई के बाद खुशी और एकजुटता का जश्न मनाना है। यह 'मीठी ईद' के रूप में जानी जाती है, जहां मिठाइयां, नए कपड़े और परिवार-समाज के साथ मिलकर दुआएं मांगना शामिल है। अमझेरा में इस वर्ष का उत्सव भाईचारे का जीवंत प्रमाण रहा है। उन्होंने सभी को ईद मुबारक कहा।पटेल आरिफ शायमंड ने कहा कि ईद-उल-फितर फितरा (सदका) देकर गरीबों को भी खुशियां बांटने का त्योहार है, जो समाज में समानता और सहानुभूति का संदेश देता है। अमझेरा शहर और आसपास के लोगों ने इस पर्व को मिल-जुलकर मनाकर प्रेम और सद्भाव की मिसाल कायम की है। उन्होंने पूरे क्षेत्रवासियों को ईद की हार्दिक बधाई दी।इस वर्ष अमझेरा में ईद का उत्सव सामाजिक सद्भाव का जीवंत प्रमाण बना। विभिन्न समुदायों ने मिल-जुलकर खुशियां मनाईं और पूरा क्षेत्र ईद की रौनक से जगमगा उठा।

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