विदेशी कंपनियो के लिए कृषि बाजार खोलने का किया विरोध : सरदारपुर मे ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम पर सौंपा ज्ञापन
Bakhtavar Express
Tue, Feb 17, 2026
सरदारपुर। भारत सरकार द्वारा कृषि बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोलना भारतीय किसानों के साथ खुला धोखा है जिसके विरोध मे प्रदेश कांग्रेस कमेटी एवं जिला कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मंगलवार को सरदारपुर मे ब्लाक कांग्रेस कमेटी द्वारा अध्यक्ष रतनलाल पडियार के नैतृत्व मे देश की राष्ट्रपति के नाम पर अनुविभागीय राजस्व कार्यालय के रीडर राहुल भूरिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन मे बताया है कि कृषि बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोलने से देश का किसान आर्थिक रूप से कमजोर हो रहा है और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को गहरा आघात पहुँचा है। विदेशों से दुग्ध उत्पादों का आयात भारतीय दुग्ध किसानों की रोजी-रोटी छीनने वाला कदम है। पहले ही किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा, ऊपर से आयात से उन्हें भारी नुकसान होगा। साथ ही यह हमारी धार्मिक आस्था पर भी प्रहार है, क्योंकि विदेशों में गायों को मांसाहार कराया जाता है जिससे हमारे सनातन धर्म और भावी पीढ़ियों के संस्कारों को खतरा है। तीन कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन में 700 से अधिक किसानों ने शहादत दी। उस समय भारत सरकार ने वादा किया था कि किसानों की फसल एम.एस.पी. पर खरीदी जाएगी। आज सरकार अपने उसी वादे से मुकर रही है यह अस्वीकार्य है। मध्यप्रदेश सरकार भी किसानों से किया गया वादा निभाए और गेहूं की खरीदी 3000 रूपये प्रति क्विंटल की दर से सुनिश्चित करे। प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई हेतु बीमा कंपनियों के माध्यम से तुरंत और पूर्ण बीमा भुगतान कराया जाए। इस दौरान राजेन्द्र लोहार, भानुप्रतापसिंह टिमायची, सीताराम पटेल, अंसार खान, केकडिया डामोर, मुकेश तुफान, समन्दरसिंह बामनिया, दिनेश चैधरी, नारायण सौलंकी, शिवांग ग्रेवाल, शंकर सौलंकी, मांगीलाल डामर, अरविन्द जाट, अर्जुन गेहलोत, धन्ना डामर, जगदीश ढाबे, रमेश जाट, बाबु हटीला आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन